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धड़कनें तेज होने लगी है दावेदारों की टिकट पाने की आस में दिल्ली तक दौड़
उज्जैन। विधानसभा चुनाव को लेकर इस बात को लेकर अटकलें लगाई जा रही है कि कुछ सीटों पर नाम लगभग फाइनल हो चुके हैं और कुछ सीट पर चर्चा करने के बाद पैनल में से नाम तय किया जाएगा। इसलिए चुनाव लडऩे के इच्छुक दावेदारों की धड़कन बढऩा शुरू हो गई है। टिकट पाने के इच्छुक कई नेता फिर से दिल्ली पहुंचना शुरू हो गए हैं। ताकि ऐन वक्त पर कहीं दूसरा बाजी नहीं मार जाए। उज्जैन जिले की घट्टिया और तराना विधानसभा ऐसी सीट हैं, जहां पर भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों से दावेदारी करने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है। दोनों सीटों पर वर्तमान विधायक पूर्व विधायक एवं अन्य नेता टिकट पाने के लिए जोर आजमाइश कर रहे हैं। इनमें वरिष्ठ उसे लेकर युवा नेता शामिल है।
इस विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस की ओर से पूर्व विधायक रामलाल मालवीय टिकट पाने के लिए मशक्कत कर रहे हैं। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का खास समर्थक माना जाता है। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के समर्थक जगदीश ललावत भी टिकट पाने के प्रयास में कई बार दिल्ली के चक्कर लगा चुके हैं। वहीं मध्य प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक नरेंद्र कछवाय भी टिकट पाने के प्रयास में एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए हैं।
इनके अलावा तेजकरण मालवीय, बहादुरसिंह देपन, मदनलाल गुजराती, सुरेंद्र मरमट, जितेंद्र तिलकर आदि भी प्रयास कर रहे हैं। जबकि भाजपा में विधायक सतीश मालवीय के अलावा पार्षद संजय कोरट, जगदीश रोकड़े, शंकरलाल अहिरवार, सुरेश गिरी, रामसिंह सोलंकी, दिलीप मालवीय, सेवाराम बेगाना आदि टिकट पाने की दौड़ में शामिल है। इस विधानसभा क्षेत्र में बलाई एवं रविदास समाज के मतदाताओं की संख्या ज्यादा है। इसलिए दोनों पार्टियों के वरिष्ठ नेता जाति समीकरण को ध्यान में रखते हुए गुणा-भाग में लगे हैं। दोनों दलों ने अभी किसी प्रत्याशी का नाम घोषित नहीं किया है। दोनों पार्टियां एक-दूसरे के प्रत्याशी घोषित करने का इंतजार कर रही हैं।
इस क्षेत्र से भाजपा एवं कांग्रेस का प्रत्याशी कौन होगा, इसे लेकर अटकलें लगाई जा रही। हालांकि टिकट को लेकर काफी हद तक तस्वीर साफ हो चुकी है लेकिन राजनीति में कब क्या हो जाए, कहा नहीं जा सकता है। भाजपा से तराना में वर्तमान विधायक अनिल फिरोजिया, पूर्व विधायक ताराचंद गोयल, युवा नेता ओम राजौरिया, लक्ष्मीनारायण मालवीय, हरि नारायण मालवीय, संजय राजोरिया आदि दावेदारी कर रहे हैं। जबकि कांग्रेस की ओर से जिला पंचायत अध्यक्ष महेश परमार, मप्र किसान कांग्रेस महासचिव मुकेश परमार, मप्र कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष स्व. राधाकिशन मालवीय के पुत्र राजेंद्र मालवीय, पूर्व विधायक बाबूलाल मालवीय सहित कई नाम चर्चा में है।
यहां पर जिपं अध्यक्ष महेश परमार को प्रत्याशी बनाया जा सकता है क्योंकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ परमार को प्रत्याशी बनाना चाहते हैं लेकिन स्थानीय नेता पूर्व विधायक बाबूलाल मालवीय, मुकेश परमार टिकट लाने के प्रयास में हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है स्थानीय नेताओं को चुनाव लडऩे का मौका मिले। विधानसभा क्षेत्र में बलाई, रविदास, राजपूत, पाटीदार, आंजना समाज के मतदाताओं की संख्या ज्यादा है।